#Kavita by Anantram Chaubey

अमीरी का पैमाना

 

अमीरी का पैमाना

हर समय दौलत रहा है ।

धन दौलत से इन्सान

अमीर होता रहा है ।

ये भी सच है

धन दौलत खाकर

पेट की भूख  भी

कभी मिटती नही है ।

पेट की भूख मिटाने

दो रोटी ही चाहिये।

अमीर हो या गरीब

सभी को खाने को

पेट भर रोटी ही चाहिये।

धन दौलत से ऐसो आराम

रोटी भी मिल जाती है ।

बिकने वाली हर बस्तु

धन से खरीदी जाती है ।

दाल चाँवल रोटी तो

बाजारो मे मिलती है  ।

कभी कभार ऐसा भी

अवसर आ जाता है ।

धन दौलत सब पास मे है ।

रोटी मिलना मुश्किल होता है ।

रोटी पानी भूख मिटाने

जीवन मे जरूरी  है ।

माँ की ममता पिता का प्यार

भाई बहिन के प्यार का रिश्ता

धन दौलत से नही मिलता है ।

अमीर गरीब जो भी हो

ये रिश्ता सबमें रहता है ।

अमीरी गरीबी का पैमाना

रिश्तो मे नही बटता है ।

रिश्ते तो रिश्ते है

मन मिलने से चलते है ।

अमीर गरीब हो भाई बहिन

फिर भी रिश्ते तो चलते है ।

अनन्तराम चौबे

*अनन्त *

जबलपुर म प्र

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