#Kavita by Anantram Chaubey

क्षणिका

 

ये निराशा

 

ये निराशा

भरी निगाहे

चेहरे की

उदासी

मन मे भी

निराशा

छाई है ।

किसने

तड़फाया है ।

किसकी

याद मे

ये उदासी

छाई है  ।

चेहरे की

तस्वीर ने

ये बात

बताई है ।

 

अनन्तराम चौबे

*अनन्त *

जबलपुर म प्र

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