#Kavita by Anantram Chaubey

सफरनामा

 

जीवन का सफरनामा

बहुत कष्दाई होता है ।

सुख दुख भरा होता है

मोह माया से लिप्त होता है ।

ये तेरा ये मेरा का

लोभ लालच रहता है ।

सच और सच्चाई की

राह बहुत ही दुखदाई

कठिन कष्टो से भरी

कदम कदम पर मिलती है ।

इन्सान का साहस धैर्य मन

की शक्ति भी टूट जाती है ।

धैर्य की परीक्षा होती है ।

इसमें राजा हरिशचन्द्र

की मिशाल दी जाती है ।

दूसरी तरफ झूठ फरेब

मक्कारी पनपती है

इनका बोल वाला होता है

हर कदम पर जीत होती है ।

सुख दुख अच्छाई बुराई

जीवन की गाड़ी के पहिये है ।

कदम कदम पर साथ चलते है

गिराते है कभी सभालते है

मंजिल पर पहुचते है ।

बचपन सबसे अच्छा

निश्छल साफ सुन्दर होता है ।

पढाई का बस्ता कंधे

पर जब टंग जाता है ।

इन्सान जीवन भर ढोता है ।

दूसरे के कंधो पर जब

इन्सान समशान जाता है

तभी सारी समस्याओ से

अंतिम मुक्ति पाता है ।

बस यही इन्सान के

जीवन का सफरनामा

हमेशा को समाप्त होता है ।

अनन्तराम चौबे

* अनन्त  *

जबलपुर म प्र

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