#Kavita by Anantram Chaubey

गुरू मंत्र

 

कौन गुरू है

कौन है चेला ।

गुरू गुरू है

बढ गये चेला ।

समय आज का

बदल गया है ।

गुरू से बढकर है

उनके है चेला ।

सीधे गुरू नही

मिलते है ।

पहले तो चेला

ही मिलते है ।

आज के समय

की रीति बनी है ।

मिलने की एक

चैन बनी है ।

पी ए या फिर

चेला  से मिलो ।

तभी गुरू से

मिल सकते हो ।

चेला मंत्र पहले

लोगे तभी गुरू

मत्र को पाओगे ।

गुरू मंत्र तो

गुप्त है रहता ।

एक बार गुरू

से है मिलता  ।

सच्चे गुरू तो

मिलना मुश्किल है

सभी स्वार्थी होते है ।

गुरू मंत्र की जगह मे

काम वो गंदा करते है

करते है दो चार भले ही

बदनाम सभी को करते है ।

गुरू मंत्र मे क्या रखा है

जब मन मे भावना

अच्छी नही रखते है ।

कौन गुरू है कौन है चेला

सभी जगह है यही झमेला ।

अनन्तराम चौबे

* अनन्त *

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