#Kavita by Anantram Chaubey

चेहरे पर

 

चेहरे पर

खुशियाँ ही

खुशियाँ है ।

खूब सूरत

हंसी

कह रही

दास्ता है ।

खुशियो का

खजाना

यही तो

मिलता है ।

जीवन  की

हर खुशियो

का यही तो

संगम है ।

कुदरत का

कैसा

हंसी भरा

संयम है ।

 

अनन्तराम चौब *  अनन्त *

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