#Kavita by Anantram Chaubey

नारी का रूप

नारी का रूप
सुन्दर स्वारूप ।
नारी तो एक है
रूप अनेक हैं ।
माँ बहन बेटी है
पत्नी भी नारी है
साली भी नारी है ।
इन सबकी
एक दादी भी है ।
माँ की भी
एक माँ भी है
बच्चो की भी
एक नानी है ।
सबसे वही सयानी है ।
एक नारी वो भी है
वुआ के नाम से
जानी जाती है ।
एक नारी वो भी है
मौसी जो कहलाती है ।
माँ की छोटी बहन होती है ।
एक रूप भाभी का होता
सास बहू का रूप नारी है
फेमस जोड़ी प्यारी है
देवरानी और जेठानी भी
नारी का एक रूप होता ।
नारी एक रूप अनेक है ।
एक परिवार में होते है ।
नारी के इतने रिश्ते हैं
नारी से ही जुड़े होते हैं ।
माँ की ममता है अनोखी
बहन के प्यार की
है बात अनोखी ।
नारी के इतने रिश्ते है
नारी से ही बदलते है ।
नारी को कोई समझ न पाता
नारी का ऐसा है रिश्ता ।
नारी तो बस नारी है
नारी का एक रूप है ।
जगत में सुन्दर नारी है
सबसे सुन्दर प्यारी है ।
अनन्तराम चौबे
* अनन्त *

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