#Kavita by Anil Patel

करवा चौथ पर्व ‘ –  ” मन्नतों का एक चाँद “

 

 

 

मन्नतों का एक चाँद आसमा में

 

और दुजा सम्मुख मेरे खड़ा

 

इस चाँद समान प्रिय हमसफ़र का

 

मैं बार बार निज नैन से

 

क्षण भर के लिए श्रृंगार बनु

 

 

 

मन्नतों का एक चाँद….

 

और दुजा सम्मुख मेरे….

 

 

 

सुख सोभाग्य का इसे पर्व कहा

 

हर नारी ने निज प्रियवर के लिए

 

मन्नतों की सीमा न रखी

 

इस पर्व में प्रियवर के लिए

 

एक पर्व जो सन्देश बना इस श्रष्टि में

 

प्रिय प्रेम और पति प्रेम का

 

 

 

मन्नतों का एक चाँद….

 

और दुजा सम्मुख मेरे…

 

 

 

पहले निहारती उस चाँद को

 

जिसकी सुंदरता निज स्वयं समान

 

फिर देखती इस चाँद को

 

जिसकी शरद चाँदनी ताउम्र बनी

 

कभी प्यार से कभी रास से

 

पति प्रेम का यज स्वांग करे

 

निज प्रियवर के लिए श्रृंगार करे

 

 

 

मन्नतों का एक चाँद…

 

और दुजा सम्मुख मेरे….

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