#Kavita by Anil Uphar

अप्रतिम सौंदर्य और

उदात्त विचारों को

अभिव्यक्त करता

उसका संवाद ।

अनु भव के केनवास पर

कुशलता से उकेर देना

मन के जज़्बात ।

बखूबी आता था उसे

हल कर देना

रिश्तो का गणित

संवेदना की हर इबारत

लिख जाती थी

उसके आने की

अनकही दासता ।

प्रतीक्षा थी तो बस

उसके लौट आने की ।

कोई दीप माला लिये

बैठा है

मन की चौखट पर ।

 

अनिल उपहार

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