#Kavita by Anjana Verma

गीत

 

गुलमोहर

— अंजना वर्मा

 

नीले गगन में गीत प्यार का गा रहे,

गुलमोहर छा रहे ।

 

डूबकर खत लिखे, लाल रोशनाई से

कूक रही कोयलिया बेकल अमराई से

मंजरियाँं लिये पेड़ शीश हैं डुला रहे।

 

हवा चली हरफ- हरफ सड़कों पर बिखर गये

केसरिया लाल रंग धरती पर निखर गये

संदेशा प्यार का दूर तक लुटा रहे ।

 

खुशबू  हवाओं में  फैला  खुमार  है

हर तरफ बह रहा प्यार- ही – प्यार है

मौसम बहार का यूँ  ही  बना  रहे ।

 

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कृष्णाटोला, ब्रह्मपुरा

मुजफ्फरपुर- 842003 – बिहार

 

 

 

 

 

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