#Kavita by Archana Kochar

दो बूँदें रक्त की करोे दान

दबने लगा बन्दूक का घोड़ा                                                                                                                  दिल में दर्द नहीं रहा थोड़ा।

किसी की जान पर बन आई

यह तेरा भाई और वो मेरा भाई।

क्या किसी मुर्दे में डाल सकते हो जान

और रक्त की दो बूँदें कर सकते हो दान

जो हर लेते हो किसी के प्राण।

एक दिन करो यह नेक कर्म                                                                                                       छोड़ो तेरे मेरे का भ्रम।

बचाओ किसी की जान

सिर्फ़ दो बूँदें रक्त की करोे दान।

साथ नहीं चलेंगे बम,बन्दूक,पटाखे और फुलझड़ियाँ सिर्फ रहेंगी दुआओं की लड़ियाँ।

किसी ज़रूरतमंद को करो जीवन दान

सिर्फ़ दो बूँदें रक्त की करोे दान।

राम,रहीम और दीनदयाल सबके खून का रंग लाल।

रोड पर जो हुआ हलाल वो भी है किसी माई का लाल।

महका दो उसके जीवन की फुलवारी

दे दो उसे अपने खून की बूँदें न्यारी।

दो उसे जीवन दान

सिर्फ़ दो बूँदें रक्त की करोे दान।

सीमा की रक्षा करता जवान

हथेली पर रखता अपनी जान।

मानव चोले का रखो मान

खून की भर दो उनके लिए खदान।

जल्दी से करो यह नेक काम

सिर्फ़ दो बूँदें रक्त की करोे दान।

समय नहीं है विचार का

पता पूछो किसी बीमार का,लाचार का

खून से जोड़ो उनसे रिश्ता

बन जाओ उनके लिए फरिश्ता।

ज़िन्दगी  में करो कुछ नेक काम

सिर्फ़ दो बूँदें रक्त की करोे दान।

हर ज़रूरतमंद की धमनियों में बहा दो रक्त

नष्ट न करो अपना कीमती वक्त

रक्त दान का पकड़ो पथ

बचाओ किसी के जीवन का अमूल्य रथ।

रक्त के अभाव में कोई गवाए न अपने प्राण।

सिर्फ़ दो बूँदें रक्त की करोे दान।

रक्त भगवान का दिया अमूल्य वरदान

जितना करते जाओगे इसका दान

उतनी प्रफुल्लित हेागी इसकी खान

जल्दी से छेड़ो यह तान

रक्त दान-महादान

जीवन दान महादान। – अर्चना कोचर

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