#Kavita by Arun Kumar Arya

चन्द्रशेखर आज़ाद

 

 

नमन है उस अमर वीर सेनानियों के

देशहित जिसने अपने प्राण गँवायें

गर्व करता आज भारत देश सारा

सपूत मातृ भूमि के जो काम आये

 

धन्य हो उठी पावन धरती माता

पाकर महान वीरवर सपूतों को

गर्वित हो उठी उनकी प्रसूता माँ

जन्म दे ऐसे राष्ट्र भक्त पूतों को।

 

अमर हो गयी जन्म दे माता जगरानी

पुत्र जिसका सदा आज़ाद कहलाया

पिता सीताराम समस्त भू मण्डल में

आदर्श पिता का छवि पा नाम कमाया

 

किया नाम अपना सार्थक चन्द्रशेखर

क्रान्ति सिरमौर का  स्थान वह पाया

हे त्रिनेत्र महादेव शंकर पा नाम तेरा

विरुद्ध अंग्रेज़ों के ताण्डव खूब मचाया

 

जम गये थे रक्त गोरे अंग्रेज़ों के सारे

देख उसकी ओजस्वी अनुपम काया

कभी भगत,कभी बिस्मिल्ल से मिल

दिखाया उनको संहारक चण्डी माया।

 

जीवित था जब तक वीर  आजाद

आज़ाद रही सदा उसकी अपनी काया

प्राण रहे तक छू न सका कोई शत्रु

ना वह अंग्रेज़ो के जीते जी हाथ आया

 

गर्व से नमन करते उनको देशवासी

धन्य, कृतार्थ हुई पा उसे माँ भारती

आर्य” आओ ऐसे महावीर सपूतों का

मिलकर उतारें हम सब सदा आरती।

 

अरुण कुमार आर्य

मुग़ल सराय, चन्दौली

 

Leave a Reply

Your email address will not be published.