#Kavita By Ashok Jaiwal

शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि, ईश्वर उनके
परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति दें….!!

ऐ मेरे वतन के लोगों :~~

सरहद पे गोली खाकर अपने सीने पर,
जब-जब देश का जवान कोई भी सोया है !!

मातृभूमि का कर्ज चुका दिया है उसने,
किसी ने भाई तो किसी ने ‘लाल’ खोया है !!

लोकतंत्र को बापतंत्र बनाकर रख दिया,
हमेशा बहती गँगा में अपना हाथ धोया है !!

शहीदों की चिताओं पे लगते हर वर्ष मेले,
इन मेलों में आकर कौन-कितना रोया है !!

बजाया देशभक्ति का गीत हो गयी इतिश्री,
शामें टीवी सीरियल व FTV में डुबोया है !!

जब भी देश की बात हो मजाक में उड़ाते,
व्हिस्की के पैग ले मुँह में काजू चुबोया है !!

शहीदों पर तिरँगा उढ़ाने की रस्म होती है,
क्या पता कौन कितना गमगीन गोया है !!

शहीद को अपने आगोश में भरने के बाद,
हर बार मासूम तिरँगा जार-जार रोया है !!

#पुलवामा

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