#Kavita by Ashutosh Anand Dubey

श्रृंगार प्रेम गीत (होली विशेष)

 

एक बार दीदार तेरा कर लूं, तो मेरी होली हो जाए।

मेरे यार मैं प्यार तुझे कर लूं, तो मेरी होली हो जाए।

 

देखा तुझे मैंने पलकें झुकाकर

चुप सा हुआ क्यूं मैं पास तेरे आकर

तूने मुझे कैसा रोग दे दिया है

सांसें सिहर उठीं तुझे पास पाकर

तेरे संग जी लूं संग मर लूं, तो मेरी होली हो जाए।

 

एक बार दीदार तेरा कर लूं, तो मेरी होली हो जाए।

मेरे यार मैं प्यार तुझे कर लूं, तो मेरी होली हो जाए।

 

रंग गुलाबी तेरी यादों का लेकर

सपने मेरे सारे नाम तेरे कर

मन की हिलोरें जागीं तूने जगाईं

प्यार में रंग गया हूं दिल तुझे देकर

तू मेरे मैं तेरे मन का कर लूं, तो मेरी होली हो जाए।

 

एक बार दीदार तेरा कर लूं, तो मेरी होली हो जाए।

मेरे यार मैं प्यार तुझे कर लूं, तो मेरी होली हो जाए।

 

दुनिया के सारे रंग झूठे हैं फीके

देखो तो एकबार प्यार में जी के

मन बरसाना बने धड़कन हो राधा

प्रेमी हों कान्हा से गोकुल गली के

सांवरा रंग जीवन में भर लूं, तो मेरी होली हो जाए।

 

एक बार दीदार तेरा कर लूं, तो मेरी होली हो जाए।

मेरे यार मैं प्यार तुझे कर लूं, तो मेरी होली हो जाए।

आशुतोष’आनंद’दुबे  -09584642494

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