#Kavita by Avdhesh Kumar Avad

अपना हिदुस्तान

दुनिया में सबसे प्यारा है, अपना हिन्दुस्तान ।
एक साथ सब मिलकर बोलो,भारत देश महान।

चाक चलाना सिखलाया था ।
सूरज – चंदा दिखलाया था ।
तन ढँकना भी बतलाया था ।
आग जलाकर इठलाया था ।

जीरो का भी ज्ञान दिया था ।
भिन्न दशमलव मान दिया था ।
कैलेंडर पंचांग दिया था ।
मूल्य पूर्ति औ माँग दिया दा ।

भाईचारा का सिखलाया, हमने जग को ज्ञान ।
दुनिया में सबसे प्यारा है, अपना हिन्दुस्तान ।
एक साथ सब मिलकर बोलो,भारत देश महान।

हम सब गुरुकुल में पढ़ते थे ।
तिनकों से सब कुछ गढ़ते थे ।
ऊँचे पर्वत पर चढ़ते थे ।
तूफां से आगे बढ़ते थे ।

गायों को कहते हैं माता ।
कहते हैं जंगल को दाता ।
मेहमान है भाग्य विधाता ।
पशु – पक्षी से मन हर्षाता ।

पंचशील का हाथ बढ़ाकर, करते हैं अभिमान ।
दुनिया में सबसे प्यारा है, अपना हिन्दुस्तान ।
एक साथ सब मिलकर बोलो,भारत देश महान।

सवा अरब की है आबादी ।
खाकी के सँग में है खादी ।
माटी में है सोना – चाँदी ।
कायम रक्खेंगे आजादी ।

भारत का मान बढ़ाएँगे ।
विकसित होकर दिखलाएँगे ।
दुश्मन को मार भगाएँगे ।
हम सबको गले लगाएँगे ।

नदियों की पूजा होती है, पत्थर का गुणगान ।
दुनिया में सबसे प्यारा है, अपना हिन्दुस्तान ।
एक साथ सब मिलकर बोलो,भारत देश महान।।

अवधेश कुमार ‘अवध’
मो० नं० 8787573644
(Mr. Awadhesh Kumar)
Engineer, Plant
Max Cement, GVIL
4th Floor, LB Plaza
GS Road, Bhagavath
Guwahati -781005 (Assam)

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