#Kavita by Avdhesh Kumar Avadh

याद बहुत आओगे नीरज

जब अंधेरा घना रहेगा,
दीप जलाना मना रहेगा।
मना रहेगा दुख में रोना,
आशा के बीजों का बोना।
तब झुग्गी के पूर्व छिद्र से-
मुस्काएगा उगता सूरज।
याद बहुत………………।।

जब गीतों पर गाज गिरेगी,
चाहे कल या आज गिरेगी।
मंचों पर मक्कारी होगी,
कविता विवश बिचारी होगी।
कोटि स्वरों में बोल उठेगा-
वसुन्धरा का हर पावन रज।
याद बहुत………………..।।

जब कवियों की बात चलेगी,
सारी – सारी रात चलेगी ।
गीत तुम्हारे ही गाएँगे,
सरगम में तुमको पाएँगे।
हृदय भाव श्रद्धांजलि देकर-
अवध खो रहा मानस धीरज।
याद बहुत…………………।।

अवधेश कुमार ‘अवध’
8787573644
(Mr. Awadhesh Kumar)
Engineer, Plant
Max Cement, GVIL
4th Floor, LB Plaza
GS Road, Bhagavath
Guwahati -781005 (Assam)

Leave a Reply

Your email address will not be published.