#Kavita by Avdhesh Kumar Avadh

संकल्प

सभी नारियों को समुचित सम्मान मिलेगा।
जीवन का उपवन प्रसून से तभी खिलेगा।।

जग जननी खुश होकर सिर आशीष धरेंगी।
भक्त जनों के सकल मनोरथ पूर्ण करेंगी।।

कर्म हमारे जब धर्मोचित पथ पर होंगे।
पल प्रतिपल निज साथ निभाते ईश्वर होंगे।।

हमको आगे बढ़कर क्षमता दिखलानी है।
भटकों को सच्ची राहें भी दिखलानी है।।

नारी का हर रूप स्वयं सम्मानित है।
मढ़ता है जो दोष अधम अपमानित है।।

शक्ति स्वरूपा माँ का पग रज पाना है।
नारी से ही नर कायम समझाना है।।

तभी मातु की भक्ति सही कहलाएगी।
जब नारी सम्मान जगत में पाएगी।।

आज यही संकल्प मनोरथ करते हैं।
अवध जहां में राग प्रीति का भरते हैं।।

अवध

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