#Kavita by Avdhesh Kumar Avdhesh

पक्ष

कारण चाहे जो हो लेकिन गलत पक्ष लेने वालों,
आज नहीं तो कल तुम पर इतिहास सवाल उठाएगा।

तेरे अनुयाई तेरी मजबूरी गाएँगे शायद।
किन्तु नहीं इससे तेरे सर का कलंक धुल पाएगा।

समय अभी कुछ शेष बचा है एक बार फिर से सोचो,
अथवा सर्वनाश का कारण तुममें खोजा जाएगा।

सभा बीच जब भी कोई अबला जबरन नंगी होगी,
द्रोण भीष्म का झुका माथ फौरन कालिख पुतवाएगा।

नहीं रहोगे कलम रोक इतिहास बदलने में सक्षम,
आज सुधर जाओ वरना कल वक्त स्वयं दुहराएगा।

डॉ. अवधेश कुमार ‘अवध’

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