#Kavita by Ayushman Tirpathi

मुस्लिम खंडित ना होवे

भगवा लज्जित ना होवे

ऐसा आह्वान किया कबीर ने,,

 

समाज समरसता के स्तर पर

सदैव विद्यमान रहे

ऐसा निर्वाहन दिया कबीर ने,,

 

 

समाज बुराइयों में बटेगा

इंसान  धर्म खाइयो में  गिरेगा

ऐसा पूर्वाह्न दिया कबीर ने,,

 

इंसान खुद को बेहतर जी सकता है

मुझे पढ़ कर

ऐसा आस्वासन दिया कबीर ने।।

 

आयुष्मान त्रिपाठी “रामहर्ष”

 

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