#Kavita by Babita Chaubey

माँ

 

आँचल फिर उड़ाओ माँ

बचपन मे ले आओ में

राजा रानी की बहि कहानी

फिर से तुम सुनाओ माँ

 

1 छम छम पाव में पायलिया

फिर से मुझे पहनाओ माँ

आँचल

 

2 नयनो में मोटा सा काजल

माथे दिठौना लगाओ मां

 

3गले मे काला रेशम धागा

उसमे लहसुन लटकाओ माँ

 

4राई नोन मिर्ची घुमाकर

बुरी नजर से बचाव माँ

 

5जिद करने को मन है मेरा

जिद पूरी आज करबाओ माँ

 

6मैं अंगना की हूँ तेरी गोरैया

एक बार बलैया ले जाओ माँ

 

बबिताचौबे शक्ति

दमोह

 

Leave a Reply

Your email address will not be published.