#Kavita by Babita Chaubey

हैप्पी दीवाली

एक दीप जला लाई प्रिय तुम्हारे लिए
प्रिय तुम्हारे लिये प्रिय तुम्हारे लिए
होठों पे हंसी लाई प्रिय तुम्हारे लिए

गलियों के अंधेरों को रोशन करने आई
उजियारे लेके आई प्रिय तुम्हारे लिए
आँगन को सजाने को रंगोंली बनाने को
रंगों को चुरा लाई प्रिय तुम्हारे लिए

दीपक से जगमगा दू संसार तुम्हारा ये
आशा की किरण लाई प्रिय तुम्हारे लिए।

चन्दा की चांदनी से सूरज की रोशनी से
सितारों से ज्योति लाई प्रिय तुम्हारे लिए

भावों के हार बुनकर गीतों के बाग लाई
मैं नव विचार लाई प्रिय तुम्हारे लिए
बबिताचौबे शक्ति
दमोह

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