#Kavita by Bijendra Singh Saral

भूत पूर्व प्रधानमंत्री ,भारत रत्न परमादरणीय अटल बिहारी वाजपेयी जी प्रस्थान पर श्रद्धांजलि स्वरूप- मनहरण घनाक्षरी
विधान-8,8,8,7वर्ण प्रति चरण चार चरण समतुकान्त ।चरणान्त गुरु ।

देव रूप थे अनूप,
राजनीति सुरभूप,
पत्रकार कवि रूप,
भारती पुकारती।
सो गया महान वीर,
शान्त चित्त रण धीर,
मात हो रही अधीर,
आरती उतारती ।
ऊँचा किया माँ का भाल,
अटल बिहारी लाल,
रोक लिया महाकाल,
दृश्य को निहारती ।
रो रहा समाज आज,
आपने किये सुकाज,
याद आता राम राज,
रोई आज भारती  ।।

बिजेन्द्र सिंह सरल

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