#Kavita by Binod Kumar

चम्पकमाला छंद

शिल्प:-(भगण, मगण, सगण,गुरु)

आप हमारे पालक पापा,

नेह करे हैं बालक पापा।

दे अपना आशीष हमेशा,

कौन भला होवे तव जैसा।

आज मुझे है संकट भारी,

साथ सदा दे आप हमारी।

देख रहा हूँ आहट पापा,

आप रहे हैं चाहत पापा।

बिनोद कुमार”हंसौड़ा

 

170 Total Views 3 Views Today

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Whatspp dwara kavita bhejne ke liye yahan click karein.