#Kavita by Binod Kumar

चम्पकमाला छंद

शिल्प:-(भगण, मगण, सगण,गुरु)

आप हमारे पालक पापा,

नेह करे हैं बालक पापा।

दे अपना आशीष हमेशा,

कौन भला होवे तव जैसा।

आज मुझे है संकट भारी,

साथ सदा दे आप हमारी।

देख रहा हूँ आहट पापा,

आप रहे हैं चाहत पापा।

बिनोद कुमार”हंसौड़ा

 

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