#Kavita by Brij Vyas

दिल बहलाती जाये ” !!

 

हंसी तुम्हारी बड़ी मधुरतम , होश उड़ाती जाये !

लगे प्रेम की डगर सुहानी , ये मन भाती जाये !!

 

नहीं मुखोटे यहां दिखे हैं , आनन उजला उजला !

एक नयी दुनिया का चेहरा , मुझे दिखाती जाये !!

 

झिलमिल तारे , झिलमिल सपने , झिलमिल रंग दिखे हैं !

झिलमिल ओढ़ चुनरिया ठगती ,यों बल खाती जाये !!

 

कजरारी आंखों का काजल , गहराया सा लगता!

सजे सुरमई ख़्वाब दिखाकर , दिल बहलाती जाये !!

 

सभी अदाऐं मनभावन हैं , हम तो बंधे बंधे से !

बांध दिये खुशबू के घेरे , औ मदमाती जाये !!

 

प्यार चढ़ा परवान यहां पर , रंग सभी हैं छलके !

हमें भुलावे देकर गौरी , खुद इठलाती जाये !!

 

बृज व्यास

 

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