#Kavita by Brij Vyas

—- गढ़ ली नई कहानी ” !!

 

आज लबों पर लिख दी तुमने , मीठी नई कहानी !

मैं तो डूबी रसधारे में , भीगी नई कहानी !!

 

मैं ओढूंगी लाल चुनरिया , हुई बावरी ऐसी !

आज पवन ने बहकाया तो , सुन ली नई कहानी !!

 

जो कहना है , कह लो , सुन लो , मुझको होश कहाँ है !

सबने अपने मन की कर ली , गढ़ ली नई कहानी !!

 

ढोल ढमाके , कहीं बजे हैं , कहीं बजी शहनाई !

कहीं मधुर गीतों ने फिर से , रच दी नई कहानी !!

 

मदिर गन्ध है पुष्प बिखेरे , मौसम बहका बहका !

तुमने मतवारी आंखों से , कह दी नई कहानी !!

 

तन नाचे है , मन नाचे है , साथ मिला कुछ ऐसा !

सबने मिलकर जिसे सराहा , मेरी नई कहानी !!

 

गम के साये मंडराये और  , जब उदासियाँ छाई !

मुस्कानों का सम्बल देकर , हंस दी नई कहानी !!

 

बृज व्यास

 

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