#Kavita by Amit Omar

घनाक्षरी

जन्म लिया , खेले कूदे , पाया सब कुछ जहाँ

कर्ज उस माटी का चुकाना भी तो चाहिए

देश ही है सब कुछ, देश को ही माता माना

बेटे का जो फर्ज है निभाना भी तो चाहिए।

मातृभक्ति, पितृभक्ति, देवभक्ति जो जरूरी

भाव देशभक्ति का जगाना भी तो चाहिए

जैसे सारा-सारा दिन प्रेम गीत तुम गाते

गीत माता भारती के गाना भी तो चाहिए

अमित ओमर, कानपुर।

09935367640

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