#Kavita by Atul Balaghati

गीत तुम भी लिखो,
गीत मैं भी लिखूं
दोनों की दर्दे कहानी मिले !
आँसू तुम भी बहाओ
आँसू मैं भी बहाऊँ
दरिया को इससे रवानी मिले !!

तुम जरूर आवोगी मुझको विश्वास है
तुमसे मिलने की मुझको बड़ी आश है
मैं भी बन जाऊंगा गिरिधारी गोपाल
अगर तुम सी मीरा दीवानी मिले !!
गीत तुम भी लिखो,,,,,,,,,,,,,,,1

रूठ जावोगी तुम तो मना लूंगा मैं
मुस्कुराओ तो अपना बना लूंगा मैं
बरसो से हूं प्यासा, तृप्त हो जाऊँगा
जुल्फ घटाओं से जो मुझे पानी मिले !!
गीत तुम भी लिखो,,,,,,,,,,,,,,,2

कुछ क्षण के लिए ये ख़फ़ा ही सहीं
कुछ मजबूरी होगी तुम बेवफा नहीं
तुम जहाँ भी रहो सदा हँसते रहो
हँसने से फूलों को जवानी मिले !!
गीत तुम भी लिखो,,,,,,,,,,,,,,,3

अतुल बालाघाटी
9755740157

Leave a Reply

Your email address will not be published.