#kavita by chandan mukherjee

बोझ बस्ते का

खेलेगा वो बचपन यहां अब कैसे
बोझ बस्ते का उठे नन्हे पैरों से कैसे
अंधी सी दौड़
पढ़ने के ठिकाने से
है शिक्षा एक व्यापर
चलो पैसे कमाएं
बच्चों का बचपन
तनाव में ले जाएँ
बीतेगा बचपन
प्रोजेक्ट वर्क के साये में
उल्झेगी हर माँ
बच्चों के होमवर्क में
लिख बच्चे सा टेढ़ा-मेढ़ा
भेजेगी वर्क वो
बच्चों के स्कूल में
स्कूल के संचालक
देख उसे दांत निपोरेंगे
पढ़ाई के इस सिस्टम में
हम नाज़ करते फिरेंगे
किसे है खबर
बचपन के इस घुटन की
किताबों के इस बोझ तले
दब रही कहानी ये बचपन की

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