#Kavita by Dinesh Pratap Singh Chauhan

हर शख्स को बेगैरतो बे दीन कर दिया
हिन्दू औ मुसलमान में तक़्सीम कर दिया
कुर्सी मिले तो क़त्ल से भी है नहीं गुरेज़
इस सियासत ने कितनों को यतीम कर दिया
वैश्यालयों के भी हैं कुछ उसूल कुछ लिहाज़
इस सियासत को उससे बदतरीन कर दिया
“दिनेश प्रताप सिंह चौहान”

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