#Kavita by Hemant Kumare Keern

गीत-

कल किनारे ढले आज हम ढल गये।

राह तकते रहे और हम गल गये।।

वादा तेरा रहा

वादा मेरा रहा

हम निभाते रहे और तुम चल गये।।

दीपक जलते रहे

आँसू ढलते रहे

कल तो आता रहा पर तुम टल गये।।

सोचो मेरा आना

सोचो तेरा जाना

उलझ एक दूसरे में बन कल गये।।

हाथ तेरा छूटा

हाथ मेरा छूटा

धड़कन रुक गयी और हम छल गये।।

हेमन्त कुमार ‘कीर्ण’

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