#Kavita by Kavi Nadeem Khan

ज़िन्दगी

एक छोटी सी आस है ज़िन्दगी
अरमानो की प्यास है ज़िन्दगी
खुशियाँ तो सबको मिल रही है
फिर क्यों उदास है ज़िन्दगी
जैसे तैसे दिन गुजर रहे है
इसलिए तो खास है ज़िन्दगी
गमो के दरिया में खुद डुबाती है हमें
फिर क्यों उड़ाती उपहास है ज़िन्दगी
आपके आँचल में ज़िन्दगी सलामत रहे ऐ माँ
आपके कदमो के पास है ज़िन्दगी

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