#Kavita by Kishor Singh

गीतिकाव्य

गम और खुशी का सफर देखिए

मुस्क और दर्द है जिधर देखिए

फलसफा है पुरानी हासिल दर्द है

झूठ लगता है तो प्यार कर देखिए

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हजारों सितम गम के बादल मिले

दिल मुहब्बत के दुनिया में घायल मिले

फिर भी जलता है परवाना हँस कर यहां

गजब है चाहत का असर देखिए

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हर अदा भा रही है उन्हें आपकी

हो करम आप गर एक नज़र देखिए

कुछ पल में गुजर जायेगा कारवाँ

कौन कहता है आप उम्र भर देखिए

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रो रो कर गुजारी है मैने सदी

आँखें अब भी है मेरी तर-वतर देखिए

मुस्कुराहट है कायम लबों पर मेरे

मीरा ने जो पिया वो जहर देखिए

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फिर जफा और वफा के फसाने बने

लोग मासुम कितने वो   दिवाने बने

जिसने दिल दुखाया किशोर प्यार में

एक दफा जाकर उस का घर देखिए

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रचनाकार.

किशोर सिंह ठाकुर

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