#Kavita by Meghvrt Arya

किसे देखती हो तुम गौरैया

कौन तुम्हें बुलायेगा

गंगा को भागीरथ लाये

तुम्हें कौन ले आयेगा

आज दुनिया ऑनलाइन है

किसके पास आज टाइम है

चाँद मंगल पर पानी ढू़ढ़ते

घर की गौरैया गायब है |

किसे ढू़ढ़ती हो तुम गौरैया

कौन दाना तुम्हें चुगायेगा

हाथी को ले आये थे भीम

तुम्हें कौन ले आयेगा

दुनिया आज स्वार्थी है

तुमसे वो क्या पायेगा

परग्रही पूर्वजों को ढू़ढ़ते

घर की गौरैया गायब है |

किसे सोचती हो तुम गौरैया

कौन तुम्हें पुकारेगा

कामधेनु को ले आये थे मुनि

आज तुम्हें कौन ले आयेगा

दुनिया आज प्रपंची है पर

कुछ दुधवा वाले चिंतित है

महामशीन से कंण ढू़ढ़ते

घर की गौरैया भी लायक है…

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