#Kavita by Naveen Kumar Jain

तस्वीर

एक तस्वीर ।

हर लेती पीर ।।

एक है नन्हा बच्चा ।

भोला भाला सच्चा ।।

पहने है कपड़े फटे ।

बाल न कबसे कटे ।।

बीन रहा वो कबाड़ ।

अंबर की लिए आड़ ।।

चेहरे पर है मुस्कान ।

चल रहा हो छाती तान ।।

आँखों में सपने हजार ।

चाहता अपने लिए प्यार ।।

– नवीन कुमार जैन

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