#Kavita by Rajendra Bahuguna

चिन्तन हीन दिशा
लाख करोड के नये नोट जंहा रोज पकड में आते हों
जंहा कुन्तल सोने की इटो से डाकू जकडे जाते हों
जंहा कालेधन से होली और दीवाली रोज मनाते हों
सत्ता के स्वर में राष्ट्र – गीत भी वही लुटेरे गाते होंं
ऐसी रण की नीति से तो रण-कौशल भी शर्माता है
यंहा चतुरायी का काम नही है भारत-भाग्य विधाता है

जंहा बैंक नये नोटो की मुद्रा ,खुद घर में पहुचाता हो
खाता धारक नोट के खातिर दर-दर धक्के खाता हो
देश का मालिक सेवक से ही खुद गुलाम बन जाता हो
विवाह का आयेजन जिसके घर मेंं ही शोक मनाता हो
अब ऐसा सासन युगो-युगो मे पुण्य कर्म से ही आता है
यंहा चतुरायी का काम नही है भारत-भाग्य विधाता है

अब जिस राष्ट् के मन्दिर ससद में ही भक्त झगडते हों
जंहा प्रतिपक्ष, सत्ता के जोकर नाटक करे अकडते हो
जंहा बीस करोड के खर्चसदन के ना चलने पर सडते हो
जंहा ये सारे खर्चे डेढ अरब की जनसंख्या पर पडते हो
अन्ध-भक्त जंहा भक्ति-भाव से सहीसुष्ण बन जाता है
यंहा चतुरायी का काम नही है भारत-भाग्य विधाता है

जंहा व्यापारी, व्यवसायी भी व्यापार देख कर रोता हो
अब मजबूर जंहा पर बिन मजदूरी के ही बोझा ढोता हो
जो बैंक लाइन में लगकर, बे-वजह प्राण को खोता हो
जंहा अन्नदाता भी बन्जर धरती देख-देख कर रोता हो
ना समझी के चिन्तन से तो ऐसा ही निर्णय आता है
यंहा चतुरायी का काम नही है भारत-भाग्य विधाता है

जंहा शून्य पडे जनधन खातों में लाख रूपये आजाते हों
जंहा पी.एम. उस कालेधन का मालिक उन्हे बनाते हों
जंहा उस गरीब को झूठ-फरेब की परिभांषा समझाते हों
जंहा संस्कारो से गिरे भक्त भी आदर्श इसे बतलाते हों
छल,बल,कपटी चाल,चरित्र और चेहरा ये सिखलाता है
यंहा चतुरायी का काम नही है भारत-भाग्य विधाता है

जंहा आतंकी, माओवादी में नोट का धन्धा जारी है
जंहा नकली नोट छाापने वाले रिजर्व-बैक पर भारी है
जंहा ए.टी.एम की लाइन मे भी नोटो की मारामारी है
जंहा मध्यवर्ग अपने ही धन के कारण आज भिखारी है
जंहा बिन पैसे के धन्धा करना नेता हमे सिखाता है
यंहा चतुरायी का काम नही है भारत- भाग्य विधाता है

अब चुनाव आने वाले हैं,क्या बिना कैस के हो जायेंगे
क्या मशीन लेकर नेता जी वंहा भीड जुटाने आयेंगे
अब बिना कैस के ये मुर्दे क्या लंच, मञ्च बनवायेगे
मजदूर,किसान और व्यापारी क्या राष्ट्र-गीत को गायेगे
कवि आग तो दूर-दृष्ट की कविता से ही समझााता है
यंहा चतुरायी का काम नही है भारत भाग्य विधाता है।।
राजेन्द्र प्रसाद बहुगुणा(आग)
मो09897399815

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