#Kavita by Rajendra bahuguna

भोले के शोले

अब  भोले  बाबा  तेरी  पूजा  कर – करके   हम  हार गये

सुल्फा,  गांजा,  भांग ,धतूरा   पीकर   सब  संस्कार गये

व्यभिचार फिर भी भारत  में  सुरसा सा मुँह खोल रहा हेै

राजनीति  ने  तुझको  छोडा ,हर – हर  मोदी बोल रहा हेै

भारत  में  तो  राम – भक्त  सब, वेद – शास्त्र  के  पार गये

अब  भोले  बाबा  तेरी  पूजा  कर – कर  के  हम हार गये

शिव-मन्दिर  में  भीड  लगी  हेै, बाबा  तुझको  ध्याने को

भक्त – मण्डली  भी  आतुर  है  मरने  और  मिट जाने को

कुछ  चोर – उचक्के  तेरे  नाम से,निकल पडे घर-बारों से

लूट  रहे   हैं  जो   मिलता  हैे ,  तीर्थ  –  क्षेत्र,  बाजारों से

जगह – जगह   भण्डारे   देखो,  किये   हुये   उपकार गये

अब  भोले  बाबा  तेरी  पूजा  कर – कर  के  हम  हार गये

शिव – भक्तों  का  खाना, पीना, हगना भी उत्पात हो गया

कच्छा  और  बनियान  भक्त  का शंकर तेरा साथ हो गया

कुछ  भक्त  तो  चौराहों   पर   दारू   पीकर   मस्त  पडे हैं

कुछ सुल्फे की चिलम लगाकर,सडक किनारे पस्त खडे हैं

सावन    में    तो   सभी   नसेडी ,शंकर  के  अवतार  भये

अब  भोले  बाबा   तेरी  पूजा  कर – कर के  हम  हार गये

सुना  है  हमने  मक्का  और   मदीना   में  तू  विद्यमान हेै

धर्म – कर्म  और  मजहब  कौम में,भोले तेरी फंसी जान हेै

आसक्त – भक्त  का  तेरी  शिवलिंगी  पिण्डी में प्रवेष नही है

क्या  केवल  तू  भारत  का  हेै,  मुस्लिम  तेरा  देश नही हेै

इतिहासों  में  कथा  सुनी, क्या  शिव – ताण्डव  बेकार गये

अब  भोले  बाबा  तेरी  पूजा  कर – कर  के   हम  हार गये

भक्त – मण्डली  सोमवार  और  स्रावन में तुझको ध्याती है

वर्षाती   मौसम   में  जनता   बम – बम  भोले  ही गाती हेै

तू  संहार  का  परिणेता   हेै,  फिर   भी  बलात्कार होते हैं

भारत   में   तो  व्यभिचार  को, आज  विरक्ती  भी  ढोते हेैं

तेरे   नाम   की   आड   में   बाबा , नंगे   बाजी   मार गये

अब  भोले  बाबा  तेरी  पूजा  कर – कर  के   हम  हार गये

हे  दक्षेश्वर ,हे  सामेश्वर , अब  इस  भारत  का  उद्वार करो

अब  भ्रष्टाचारी  राजनीति   में   आओ   कुछ  उपचार करो

मंहगायी ,भुखमरी, गरीबी   ये   भारत  क्यों  झेल  रहा है

बाबा,  नेता    और  व्यवसायी, व्यभिचार  से  खेल  रहा हेै

कवि  आग   के   लिखते – लिखते   जले   हुये  अंगार गये

अब  भोले  बाबा  तेरी  पूजा   कर – कर  के  हम  हार गये।।

राजेन्द्र प्रसाद बहुगुणा(आग)

9897399815

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