#Kavita by Ranjan Mishra:

जब शहर की तंग गलियाँ

कुछ नशीली सी लगी,

और हर रिश्ते में हमको

सौदेबाजी सी दिखी,

तब अचानक ह़ी ज़ेहन में

हुक आयी ग़ाव की,

वो मुस्कराती पगली लड़की

और पीपल छावं की।।

–   रंजन

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