#Kavita by sameer shahi

काला हिरण

उस हिरण का रंग काला था,
वो जंगल का रहने वाला था,
रंग के साथ दिन भी उसका,
उस दिन काला होने वाला था,

शूटिंग फिल्म की करने वालों को,
‘हम साथ-साथ हैं’ कहने वाला था,
इस साथ के घात से बेखबर,
कि उसका अंत भी होने वाला था,

काला हिरण संरक्षित प्राणी था,
अभ्यारण्य में  रहने वाला था,
उसे कोई नहीं मार सकता था,
‘सफ़ेद हाथी’ सुरक्षा देने वाला था.

काला हिरन अपने आप मरा,
कातिल बहाना बनाने वाला था,
काले हिरन का शिकार कर के,
साफ़ साफ़ बच जाने वाला था.

One thought on “#Kavita by sameer shahi

  • July 29, 2016 at 4:32 am
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    Thanks for the post.

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