#Kavita by sanu awasthi

““एक सितारा””
नभ मे एक सितारा था
जो चॉद को बेहद प्यारा था
प्रेम था इतना गहरा उनमें
जो कम ना कर पाए अन्य सितारे
संग उनका जब हो जाता था
तब आसमान मुस्काता था
जो चांद  को बेहद प्यारा था
नभ मे एक सितारा था
चांद गम में डूब गया
जब सदियों का संघ उनका
एक पल में ही छूट गया
सितारा नभ से जब टूट गया
चांद समझता जिसको जीवन अपना
अब वह काले बदरा में समा गया था
जो चांद को बेहद प्यारा था
नभ में एक सितारा था
लेखक -सानू अवस्थी  (उन्नाव)

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