#Kavita by Shambhu Nath

लाल पे दुःख आने न देती
खोती नहीं है क्षमता मन की ॥
सबसे बड़ी है ममता माँ की ॥
खुद भूखे सो जाती माँ है ॥
बच्चे का पेट ओ भरती है ॥
पालन पोषण देख रेख सब ॥
सच्चे मन से करती है ॥
बच्चों को सब खुशियाँ देती ॥
सुध न रखती अपने तन की ॥
सबसे बड़ी है ममता माँ की ॥
संस्कार का  पाठ पढ़ाती ॥
सही नियम की रीति बताती ॥
कष्ट कोई आने न देती ॥
सीने से माँ ही चिपकाती ॥
क्षमाशील माँ इतनी होती है ॥
फिकर है करती पल पल की ॥
सबसे बड़ी है ममता माँ की ॥
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