kavita by Shambhu Nath

चल आज मुसाफिर //
रास्ते में //
सारी बात बतायेगे ,,
हैम दोनों तो एक ही पथ से //
अंतिम यात्रा पर जायेगे //
जीवन कि घटित //
घटना जो हुयी है //
सारा वृतांत समझायेंगे //
क्या करम किया //
क्या धरम किया //
कितनो को बसाया //
उजाड़ा है ,,
कितनो की मै पूजा किया हूँ //
कितनो को मै मारा हूँ /.///
माया मोह करनी धरनी का //
हर सम्भव प्रयास बतायेगे /
चल आज मुसाफिर //
रास्ते में //
सारी बात बतायेगे ,,
हैम दोनों तो एक ही पथ से //
अंतिम यात्रा पर जायेगे //

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