#Kavita by Shathi Mukherjee

दिल का दर्द
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कोई गीत कैसे बने
सगीतं रुठा मुझसे,
एक पल मे बेबफा हुए
सारे नगमे दिल के।
अब छेडे जो तार दिल के
तो गम के साज मिलते है,
हर र्दद रो उठता है
जब गीत लबो पे खिलते हैं।।

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