#Kavita by swarup suthar

🌷सौन्दर्य का वर्णन🌷

बहुत देखी इती देखी नजाने मैं किती देखी।
इसके जैसी इती सुन्दर अभी तक मैं कोनी देखी।।
पैली पैली बार उसे बैंच पर बैठी देखी।
ऐसी दिखी की बताऊँ जैसे मैने अप्सरा देखी।।
बहुत देखी इती देखी नजाने मैं किती देखी।
इसके जैसी इती सुन्दर अभी तक मैं कोनी देखी।।
रूप देखी रंग देखी उसकी चाल ढाल देखी।
मैने उसकी वाणी में लता मंगेशकर देखी।।
बहुत देखी इती देखी नजाने मैं किती देखी।
इसके जैसी इती सुन्दर अभी तक मैं कोनी देखी।।
पल पल हर पल उसका नूतन रूप देखी।
मेरे मन ने उसको अपनी संगिनी देखी।।
क्या बताऊँ आपको उसमें मैने क्या क्या देखी।।
बहुत देखी इती देखी नजाने मैं किती देखी।
इसके जैसी इती सुन्दर अभी तक मैं कोनी देखी।।

2 thoughts on “#Kavita by swarup suthar

  • July 12, 2016 at 11:00 am
    Permalink

    Narpat ji shanti bnaye rakho
    .

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