#Kavita by Chetanya Chetan

हजल
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पीने न दीजिए गा तो खाया न जायेगा
खा भी लिया तो हमसे पचाया न जायेगा .

सब आ गई है सामने करतूत आपकी
जनता से और खेल छुपाया न जायेगा .

भेजो जनाव नोट अव दो दो हजार के
छुटटों का बोझ हमसे उठाया न जायेगा.

त्रिशूल और कटटों की जरूरत पडेगी अव
इनके विना चुनाव जिताया न जायेगा .

गदहों के लिए बाप बना लीजिए हुजूर
सत्ता मे वरना आपको लाया न जायेगा.

बदलेंगे कैसे चाल प्यादे जनाव के
दो चार को जो पद से हटाया न जायेगा.

पोंछोगे नही आम आदमी के अश्क तो
हमसे तो तुमको खास बताया न जायेगा.

खोलेंगे जव जुवान तो बोलेंगे सिर्फ सच
“चेतन” जुवॉ सेे झूठ को गाया न जायेगा .

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