#Kavita by Davi Yasvant Patidar

#अखंड भारत के शिल्पी देश के गर्व सरदार वल्लभ भाई पटेल जयंती पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ #

देश भक्ति थी रगो मे अलग जिनका अन्दाज था।
अलग पहचान सबसे जिनकी दिलो पर राज था।
असरदार सरदार थे,लौह पुरुष जिनका नाम था।
वतन पर जान लुटा देना ,जिनका एक काम था।।1।।

तुफानो सा चाल चलन,अखंडता की शान था।
गोरौ को खदेड़ा,रियासतो की बेजोड़ चट्टान था।
राष्ट्र निर्माण का सपना जिनका प्यारा महान था।
सोने की चिडिया सा भारत यह एक अरमान था।।2।।

वजीर-ए-आलम पद छोड़ कर जो जाता।
बलिदानी की यह गाथा कोई नही दोहराता।
काश्मीर की समस्या का भी हल हो जाता।
अगर राज पाठ झूठ से कोई ना हथीयाता।।3।।

देश पर कुर्बान थे,सरल हृदय विशाल थे।
देश की आन थे, पीढ़ियो की मिशाल थे।
एकता का पाठ ,मजहब को गले लगाते थे।
देश के खातिर जो अन्याय से लड़ जाते थे।।4।।

कवि यशवंत पाटीदार
मंदसौर 9770826295

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