#Kavita by Dinesh Kumar , D K Shayar

माँकेफेसबुकियाऔरव्हाट्सएपकेलाडलोंकेलिये

आज के दिन मातृ दिवस, रविवार  में  त्योहार है ।

एक वर्ष बाद याद आया सिर्फ़  माँ  का  प्यार  है ।

कल तक देते थे अपनी  पवित्र  माँ  को  गालियाँ ,

फ़ेसबुक पे फोटो डाल  लोजी  माँ  ही  संसार  है ।

 

मोबाइल पर आज कितने माँ  के  दीवाने  बैठे  हैं ।

कल जाकर फिर लड़ेंगे जैसे  पुत्र  बेगाने  बैठे  हैं ।

कल ही हो जायेगा  कुछ  का  माँ  से  प्रेम  ख़त्म ,

जो गले लगे आज कल  बो गला  दवाने  बैठे  हैं ।

 

कितनों ने अपना आज ही हक अदा किया होगा ।

माँ के प्यार के ख़ातिर बदले में सजा दिया  होगा ।

आज नही तो कल  बो  खुद  ब  खुद  पछतायेंगे ।

जरा सी चोट भी पहले जुबां पे माँ-माँ चिल्लायँगे ।

 

अगर माँ  से  रोज  प्यार  किया  और  पाते  होते ।

एक दिन का मोबाइल  नाटक नही  दिखाते होते ।

घर-घर  मे  होती  माँ  के  ही  नाम  की  खुशियाँ ।

साल के हर दिन हम मातृ दिवस ही  मनाते  होते ।

 

…..कवि #dkशायर उर्फ दिनेश कश्यप

पीलीभीत(उप्र.)९७२०९१४६४३

 

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