#Kavita by Dinesh Pratap Singh Chauhan

” देश के वीर जवानों के नाम ”

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सभी दीवाली सभी होलियाँ और त्यौहार तमाम

नाम तुम्हारे मेरे जवानो,..  सभी तुम्हारे नाम।

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सुबह की सैरें, दिन की रौनक,बाजारों की चहल पहल

स्कूलों में बच्चे पढ़ते ,……. और संवारें अपना कल

हर उत्सव की सारी रस्में ,सारे मंगल गान

नाम तुम्हारे मेरे जवानो सभी तुम्हारे नाम।

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मीठी मीठी नींदें घर में, जब सीमा पर तुम हो

बड़े बड़े सपने हर उर में, जब सीमा पर तुम हो

वर्तमान और भविष्य की, हर एक प्रगति अविराम

नाम तुम्हारे मेरे जवानो,……   सभी तुम्हारे नाम।

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तुम अंधियारों में भी अविचल ,देश तभी रोशन है

तुम हो, तभी देश में कायम, शांती और अमन है

खेतों की खिलती फ़सलें, घर में बनते पकवान

नाम तुम्हारे मेरे जवानो,..  सभी तुम्हारे नाम।

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रहते तेरे मेरे देश को, नहीं किसी का भय है

तेरे ही दम पे भारत ने,.पायी सदा विजय है

देश का गौरव और अस्मिता और सारा अभिमान

नाम तुम्हारे मेरे जवानो,.. . सभी तुम्हारे नाम।

“दिनेश प्रताप सिंह चौहान”

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