#Kavita by Dinesh Pratap Singh Chauhan

“मैया मोहि मोदी बहुत सतायो”

टीवी सर्वे में हरदम ही, आगे -आगे आयो
सदा करत उपहास हमारो ,बालक मोहि बतायो
वैसो ही जे निठुर मीडिआ,सर्वे रोज दिखायो
यूपी,गोवा, उत्तराखंड को लै-लै नाम चिढ़ायो
कछु तो जतन बता तू मैया ,मन मेरो घबरायो
“मैया मोहि मोदी बहुत सतायो ”

लोकसभा में प्रशांत ने मोदी कों समर जितायो
जाई आसरे में मैंने जाए अपने घरै बुलायो
जाके कहे ते ही अखिलेश ते मैंने हाथ मिलायो
लेकिन जाको एकउ दाँव तो मेरे काम न आयो
मोदी को कछु सोचतो तब तकि जोगी जानि कों आयो
“मैया मोहि मोदी बहुत सतायो”

कहा करूँ कछु समझ न आवै, किनते आस करूँ मैं
चाटुकार ,दरबारी ,जमूरे ,इनको कहा करूँ मैं
अल्लम -गल्लम बकें रोज ,और इनको करो भरूं मैं
कबहूँ दें मूरखता इतनी ,सरम तै डूब मरूँ मैं
मूढ़ मंडली ने मेरो तो ,बिलुकुलि नाम डुबायो
” मैया मोहि मोदी बहुत सतायो ”

दुष्ट केजरी ने दिल्ली में, अलग ते दुंद मचायो
लोकपाल को खेलि खेल ,सत्ता तै हमें हटायो
ऊपर ते जे बाबा सारो ,रोजहि कलह मचायो
तब तो इत्तो कूदो ,अब चुप ह्वै व्यापार चलायो
एक हुतो संकट मोचक ,सो भवन बड़े पधरायो
“मैया मोहि मोदी बहुत सतायो “

145 Total Views 3 Views Today
Share This

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *