#Kavita by Dr Krishan Kumar Tiwari Neerav

गीत

कितने मन से लिखता होगा,

रिमझिम जो सावन लिखता है!

धरती का जीवन लिखता है !

सागर से लाकर गागर में ,

प्राण सँजो देता पल भर में,

बड़ी लगन से लिखता होगा–

जो भी कवि का मन लिखता है!

धरती का जीवन लिखता है!

अतुलनीय है उसकी कविता ,

कौन करेगा उससे समता ,

कितनी बृहत कल्पना करता-

अंबर में जो घन लिखता है !

धरती का जीवन लिखता है!

भले झरे संगीत सुमन से ,

रस बरसे शीतल चंदन से ,

अलि का ही स्नेह भरा स्वर—

फूलों पर गुंजन लिखता है !

धरती का जीवन लिखता है!

—–डॉ.कृष्ण कुमार तिवारी नीरव

 

 

 

 

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