#Kavita by Dr Krishan Kumar Tiwari Neerav

माननीय श्री अटल बिहारी वाजपेई जी को सादर नमन!
(१)
सरिता जब तलक साहित्य की बहती रहेगी,
पिपाशा भाव बनकर गीत में ढलती रहेगी,
सियासत में भी रहकर अटल ने जो काव्य रचना की —-
नई पीढ़ी को उससे प्रेरणा मिलती रहेगी ।
(२)
गरीबों के लिए चिंतन रहा कृतित्व में उनके ,
जनों का हित ही सर्वोपरि रहा स्वामित्व में उनके,
अधिकतर सदन में प्रतिपक्ष का अनुभव मिला जिनको —
प्रबल संघर्ष का आलम रहा व्यक्तित्व में उनके !
(३)
सदा सम्मान करने को समर्पित सुमन हो अपना,
झुकाए शीष श्रद्धा से भरा यह गगन हो अपना ,
करें साकार हम सब मिलके उनके सारे सपनों को—-
यही श्रद्धांजलि होगी यही अब नमन हो अपना!
—— डॉ.कृष्ण कुमार तिवारी नीरव

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