#Kavita by Dr Prakhar Dixit

पिता : संकल्प का पर्याय

 

पिता

अज्रस स्रोत संकल्प का

जीवटता का वरण

लक्ष्य की सटीक संधान

व्याधियों का निवारण ।।

 

पिता

पालक है चालक है

लालन का सुखद क्षण

आभावों को चुनौती

संघर्षों का समरांगण।।

 

पिता

शैशव की मज़बूत अंगुली

पुरुषत्व की शिला दृढ़

संवारें घरौंदा संतति हेत

तिल तिल करें यौवन क्षरण

 

पिता

आदर सत्कार अर्चना

चिंतित हो करें विषाद हरण

क्या चाहिए प्रखर उन्हें

चैन सौभाग्य शांति

अंतत: हरिपद स्मरण।।

 

प्रखर दीक्षित – फर्रुखाबाद

 

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